2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा लोक उत्सव के रूप में मनाई जाएगी – सीएम धामी 

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Uttarakhand

देहरादून – प्रदेश में हर 12 साल बाद होने वाली नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण बैठक ली । जिसमें उन्होंने 2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा को लोक उत्सव के रूप में मनाए जाने का ऐलान किया ।

बैठक में सीएम धामी ने निर्देशित किया कि यात्रा में स्थानीय लोगों की अधिकतम सहभागिता हो यह सुनिश्चित किया जाए । साथ ही कहा कि नन्दा देवी राजजात यात्रा से संबंधित अभिलेखों को संरक्षित किया जाएगा। यात्रा के अभिलेखों को लिखने एवं उनका संरक्षण गढ़वाल एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय की मदद से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नन्दा राजजात यात्रा उत्तराखंड की धरोहर है। इसलिए इस यात्रा का देश विदेश में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए । भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी संपूर्ण विश्व में नन्दा देवी राजजात यात्रा को पहुंचाया जाएगा । वहीं विदेशियों को भी इस यात्रा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए।

इसके अलावा राजजात यात्रा में उत्तराखंड की संस्कृति, परम्परा, वेशभूषा, वाद्य यंत्रों की छाप दिखनी चाहिए। इसके लिए संस्कृति विभाग को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने  दिए। उन्होंने कहा कि विभाग लोक कलाकारों के लिए इस प्रकार की व्यवस्था बनाए जिससे उनको लगातार भुगतान हो।

गौरतलब है कि 2026 में भाद्र पक्ष की नंदाष्टमी से नन्दा राजजात यात्रा का आगाज होगा । लगभग 20 दिन चलने वाली इस यात्रा में  280 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा । जिसमें 20 किलोमीटर पैदल यात्रा है। यह मां नंदा की मायके से ससुराल की यात्रा है, जो नौटी गांव के पास स्थित कासुवा से होमकुंड तक की है।

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